अन्याय के विरुद्ध डॉक्टर धनी राम शुक्ला ने राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू , राज्यपाल ब मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
अन्याय के विरुद्ध डॉक्टर धनी राम शुक्ला ने राष्ट्रपति द्रोपती मुर्मू , राज्यपाल ब मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत
हिमाचल प्रदेश में MBBS की सीटों में हो रही सरेआम धांधली को लेकर भोरंज के समाजसेवी डॉक्टर धनी राम शुक्ला ने राष्ट्रपति को अपनी शिकायत भेजी है अपनी शिकायत में धनी राम शुक्ला ने कहा कि
हिमाचल प्रदेश में 6 मेडिकल कॉलेज हैं जहां प्रदेश सरकार एम बी बी एस की पढ़ाई करवा रही हैं। प्रदेश में सारे सरकारी कॉलेजों में 720 सीटें हैं ।
हर कैटागरी के लिए सीटों का निर्धारण कर दिया है जिसमें सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग, अनुसूचित जन जाति, विधवा/पूर्व सैनिकों के बच्चे, मौजूदा सैन्य कर्मचारियों, दिव्यांगों के लिए आदि आदि कैटागरी मौजूद है। हिमाचल प्रदेश सरकार ने एक अन्य कैटागरी का भी सृजन किया है जिसे पिछड़ा क्षेत्र कैटागरी का नाम दिया है एम बी बी एस के लिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कुल 13 सीटें सृजित की गई है। हैरानअंगेज बात यह कि पिछड़ा क्षेत्र के लिए प्रदेश कोटा में निर्धारित 13 सीटों में से किसी एक भी अनुसूचित जाति के बच्चे को इस कैटागरी के अंतर्गत आरक्षण का प्रावधान नहीं किया गया है। जिसके परिणाम स्वरूप लगभग शत प्रतिशत सीटों पे सामान्य वर्ग के बच्चे ही चयनति हो रहे हैं।
अत्याचार विरोधी मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष डा० धनी राम शुक्ला ने मुख्यमंत्री श्री सुखविन्द्र सिंह, भारत के महामहिम राष्ट्रपति, राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष, प्रदेश अनुसूचित जाति के अध्यक्ष श्री कुलदीप कुमार को प्रतिवेदन प्रेषित करके तुरंत अनुसूचित जाति के वर्ग के साथ हो रहे अन्याय एवं बेईमानी को तुरंत रोकने की गुहार लगाई है।
डा० शुक्ला ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि पिछड़ा क्षेत्र कैटागरी में सामान्य वर्ग के प्रत्याशियों को शत प्रतिशत आरक्षण देना बहुत ही बड़ा अन्याय है जिसे सहन नहीं किया जाएगा। डा० शुक्ला ने प्रदेश सरकार द्वारा तुरंत आनुपातिक हिस्सेदारी अनुसूचित जाति वर्ग को ना दिए जाने की दशा में अटल मेडिकल रिसर्च विश्वविद्यालय व प्रदेश सरकार के खिलाफ पूरे प्रदेश में तीन दिनों के अन्दर मोर्चा खोलने को बाध्य होने की चेतावनी दी है।
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