तरक्वाड़ी में संपन्न हुई हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश स्तरीय बैठक।
प्राथमिक स्कूलों में जेबीटी अध्यापकों की नियुक्ति प्राथमिकता से करें सरकार: ।
जेबीटी, टीजीटी, मुख्याध्यापक व प्रधानाचार्य की पदोन्नति न होने से अध्यापक वर्ग में निराशा।
तरक्वाड़ी में संपन्न हुई हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के प्रदेश स्तरीय बैठक।
हिमाचल राजकीय अध्यापक संघ की राज्य कार्यकारिणी की बैठक प्रदेशाध्यक्ष नरोत्तम वर्मा की अध्यक्षता में जिला हमीरपुर के तरक्वाड़ी के एक निजी होटल में हुई। बैठक में संघ ने प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग के समक्ष अध्यापकों और कर्मचारियों से जुड़े 17 महत्वपूर्ण मांगों का एजेंडा रखा तथा उनके शीघ्र समाधान की मांग सरकार व शिक्षा विभाग से की। बैठक में संघ के मुख्य संरक्षक नरेश महाजन, पूर्व अध्यक्ष प्यारू राम संख्यान भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में प्रदेशाध्यक्ष नरोत्तम वर्मा ने राज्य कार्यकारिणी के सदस्य व विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राजकीय अध्यापक संघ ने सरकार व शिक्षा विभाग को अध्यापकों के साथ अन्य कर्मचारियों समस्याओं से बार-बार अवगत करवाया रहा है लेकिन अभी तक सकारात्मक परिणाम नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस पर प्रदेश के लाखों कर्मचारी डीए के देने की उम्मीद लगाए हुए थे, लेकिन कर्मचारियों को निराशा ही मिली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल के लगभग चार वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन कर्मचारी वर्ग, विशेषकर अध्यापक वर्ग कई लंबित मांगों का समाधान न होने के कारण असंतुष्ट हैं। उन्होंने लंबित महंगाई भत्ते डीए का एरियर सहित भुगतान करने और लंबित 15 प्रतिशत डीए की सभी किस्तें एकमुश्त जारी की मांग की। इसके अलावा छठे वेतन आयोग के आधार पर लंबित वेतन एरियर का भुगतान व किया जाए। सभी वर्गों के अध्यापकों की लंबित पदोन्नति सूचियां शीघ्र जारी करने का मांग सरकार व शिक्षा विभाग से की। प्रदेशाध्यक्ष नरोत्तम वर्मा ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था परिवर्तन के लिए सरकार ने क्लस्टर प्रणाली को शुरू किया गया है लेकिन प्राथमिक विद्यालयों में स्टाफ की कमी चल रही है। सरकार अभी तक प्री-प्राईमरी कक्षाओं के लिए नर्सरी अध्यापकों की निुयक्ति नहीं कर पाई है। प्रदेश में करीब 3200 पाठशालाएं एकल शिक्षक के हवाले चल रही है। ऐसे में क्लस्टर स्कूलों से अध्यापकों को प्रतिनियुक्ति पर भेजना पढ़ रहा है। जिससे बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसके अलावा डीपीई अध्यापकों को नियमों में एकमुश्त छूट देकर प्रवक्ता स्कूल न्यू शारीरिक शिक्ष का पदनाम एवं सभी लाभ दिए, आउटसोर्स अध्यापकों विशेषकर कंप्यूटर अध्यापकों के शिक्षा विभाग में समायोजन के लिए ठोस नीति बनाने, 300 जमा़10 से अधिक अर्जित अवकाश को अध्यापकों के अर्जित अवकाश खाते में जमा करने ,अध्यापकों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने, प्रधानाचार्यों के कार्यभार ग्रहण एवं त्याग से संबंधित 7 जुलाई 2023 के शिक्षा सचिव के कार्यालय ज्ञापन को वापस लेने, गैर.पंजीकृत अथवा बिना कानूनी संबद्धता वाले संगठनों की गतिविधियों पर रोक लगाने की तथा अध्यापकों की पदोन्नति समय पर सुनिश्चित करने के लिए शैक्षणिक सत्र के आरंभ में ही डीपीसी कर पूरे वर्ष का पैनल तैयार करने व युक्तिकरण को राष्ट्रीय शिक्षा नीति.2020 के प्रावधानों के अनुरूप लागू की मांग प्रमुखता से उठाई गई। बैठक में संरक्षक राकेश शर्मा एवं रत्ती राम वर्मा, प्रदेश वित्त सचिव सतीश पुडीर, वरिष्ठ उपप्रधान पंकज शर्मा, सुरेश नरयाल, उपप्रधान जोगिंदर, चीफ प्रेस सचिव कश्मीरी लाल, प्रेस सचिव सुरेश ठाकुर, मुख्य सलाहकार कमल राज अत्री, स्टीयरिंग कमेटी के चेयरमैन सुनील शर्मा, हमीरपुर जिलाध्यक्ष राज ठाकुर बिलासपुर राम लोक, कांगड़ा से नरेश धीमान, मंडी से अश्विनी गुलेरिया, सोलन से गुरमेल सिंह चौधरी, सिरमौर हरदेव ठाकुर ऊना मुकेश, पूर्व प्रदेश महासचिव अजय शर्मा और लगभग 75 सदस्यों ने बैठक में भाग लिया।
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