स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में भोरंज में उठी आवाज एसडीएम शशिपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन।
स्मार्ट बिजली मीटर के विरोध में भोरंज में उठी आवाज
एसडीएम शशिपाल के माध्यम से मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री को भेजा गया ज्ञापन।
स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के निर्णय के विरोध में भोरंज में स्थानीय निवासियों और बिजली उपभोक्ताओं ने एकजुट होकर प्रशासन के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज करवाई। समस्त ग्रामीणों एवं उपभोक्ताओं की ओर से एक विस्तृत ज्ञापन एसडीएम शशिपाल शर्मा के माध्यम से प्रदेश के मुख्यमंत्री तथा देश के प्रधानमंत्री को प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया प्रारंभ करने से पूर्व आम जनता की राय नहीं ली गई और न ही पर्याप्त जनजागरूकता अभियान चलाया गया। लोगों का कहना है कि इस तरह की महत्वपूर्ण योजना को लागू करने से पहले जनसंवाद और पारदर्शिता आवश्यक है।
ज्ञापन में उपभोक्ताओं ने अपनी चिंताओं को विस्तार से रखा है। उनका कहना है कि बिजली बिलों में बढ़ोतरी की आशंका: स्मार्ट मीटर लागू होने के बाद बिजली बिलों में अनावश्यक वृद्धि हो सकती है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। तकनीकी खराबियों का डर: यदि स्मार्ट मीटर में तकनीकी खराबी आती है तो उपभोक्ताओं को बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ सकते हैं और आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।अतिरिक्त आर्थिक बोझ स्मार्ट मीटर की लागत अधिक होने के कारण इसका भार अंततः उपभोक्ताओं पर ही पड़ने की संभावना जताई गई है।
ग्रामीण इलाकों में नेटवर्क और तकनीकी सुविधाओं की कमी के चलते स्मार्ट मीटर का सुचारू संचालन संभव नहीं हो पाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को असुविधा होगी।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जब तक जनता की सहमति और प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को स्थगित रखा जाए।
ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की कि आम जनता के हित को सर्वोपरि रखते हुए इस निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उनका कहना है कि किसी भी नई योजना को लागू करने से पहले व्यापक स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाना चाहिए और जनता को विश्वास में लिया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद या असंतोष उत्पन्न न हो।
ज्ञापन सौंपने के दौरान पपलाह के पूर्व प्रधान अंकुश सैणी, गरसाहड़ के पूर्व उपप्रधान विकास शर्मा, पलपल के पूर्व प्रधान जोगेंद्र सिंह, गरसाहड़ पंचायत की पूर्व प्रधान रेखा देवी, पूर्व बीडीसी अनिता शर्मा, प्रीतम शर्मा, जगत राम सहित कई अन्य महिलाएं, ग्रामीण एवं उपभोक्ता उपस्थित रहे।
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे।

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