करियर पॉइंट विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. पी. एल. गौतम को पद्म श्री सम्मान मिलना, विश्वविद्यालय व हिमाचल के लिए गौरव का क्षण है।

 करियर पॉइंट विश्वविद्यालय के प्रो-चांसलर डॉ. पी. एल. गौतम को पद्म श्री सम्मान मिलना, विश्वविद्यालय व हिमाचल के लिए गौरव का क्षण है।

 

Him View - Hamirpur Himachal Pradesh 

करियर पॉइंट विश्वविद्यालय, हमीरपुर के प्रो-चांसलर एवं देश के प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक डॉ. प्रेम लाल (पी. एल.) गौतम को भारत सरकार द्वारा पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की घोषणा की गई है। उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान विज्ञान, कृषि अनुसंधान एवं पादप प्रजनन के क्षेत्र में उनके अतुलनीय और दीर्घकालीन योगदान के लिए प्रदान किया जा रहा है। डॉ. गौतम को यह सम्मान मिलना न केवल करियर पॉइंट विश्वविद्यालय बल्कि, समस्त वैज्ञानिक परिवार व पूरे हिमाचल प्रदेश के लिए अत्यंत गर्व का विषय है।


डॉ. गौतम को पद्म श्री सम्मान मिलने पर करियर पॉइंट यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री ओम महेश्वरी, पूर्व कुलाधिपति श्री प्रमोद माहेश्वरी वि वि के कुलपति डॉ संजीव शर्मा, शिक्षकों, कर्मचारियों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। विश्वविद्यालय परिवार ने इसे शैक्षणिक एवं अनुसंधान प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान बताया है।


उल्लेखनीय है कि पद्म श्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है, जो भारत सरकार द्वारा कला, विज्ञान, शिक्षा, चिकित्सा, खेल, समाज सेवा और जनसेवा जैसे विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट एवं सराहनीय योगदान देने वाले नागरिकों को प्रदान किया जाता है। डॉ. पी. एल. गौतम को यह सम्मान मिलना भारतीय कृषि विज्ञान, करियर पॉइंट विश्वविद्यालय और हिमाचल प्रदेश—तीनों के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि है।

विश्वविद्यालय का समस्त परिवार भारत सरकार का धन्यवाद करता है जिन्होंने 25 जनवरी 2026 को हिमाचल दिवस पर इस अवार्ड पर मोहर लगाकर हिमाचल को गौरवान्वित किया है। यह अवार्ड मार्च अप्रैल महीने में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है।


वर्तमान में डॉ. पी. एल. गौतम डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (बिहार) के कुलाधिपति के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। इसके साथ-साथ वे करियर पॉइंट विश्वविद्यालय, हमीरपुर के प्रो-चांसलर के रूप में विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और ग्रामीण-कृषि विकास को बढ़ावा देने हेतु मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।


डॉ. गौतम कृषि आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान रखते हैं। उन्होंने अपने शोध और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से गेहूं, सोयाबीन, फॉक्सटेल मिलेट, राइस बीन, अमरनाथ और बकव्हीट सहित 12 से अधिक उन्नत फसल किस्मों के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इन उन्नत किस्मों ने देश के विभिन्न कृषि क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने तथा खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाई है।


डॉ. पी. एल. गौतम का जन्म 12 दिसंबर 1947 को हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में हुआ। उन्होंने हिमाचल कृषि कॉलेज, सोलन से स्नातक की शिक्षा प्राप्त की तथा इसके पश्चात भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI), नई दिल्ली से एमएससी एवं पीएचडी की उपाधि अर्जित की। प्रारंभ से ही उनकी रुचि कृषि आनुवंशिकी और फसल सुधार के क्षेत्र में रही, जिसने आगे चलकर उन्हें देश के अग्रणी कृषि वैज्ञानिकों की श्रेणी में स्थापित किया।अपने लंबे और प्रभावशाली करियर के दौरान डॉ. गौतम ने कई राष्ट्रीय स्तर के महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन किया। उन्होंने भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) में उप महानिदेशक, राष्ट्रीय पादप आनुवंशिक संसाधन ब्यूरो के निदेशक, जीबी पंत कृषि विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति तथा पादप प्रजाति संरक्षण एवं कृषक अधिकार प्राधिकरण के अध्यक्ष जैसे प्रतिष्ठित पदों पर कार्य करते हुए कृषि अनुसंधान एवं नीतिगत निर्णयों को नई दिशा प्रदान की।

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