बैरी ब्राहमणा के सेवानिवृत प्रधानाचार्य सुभाष कपिला ने तीन कनाल भूमि में पैदा की अढ़ाई क्विंटल प्राकृतिक हल्दी
बैरी ब्राहमणा के सेवानिवृत प्रधानाचार्य सुभाष कपिला ने तीन कनाल भूमि में पैदा की अढ़ाई क्विंटल प्राकृतिक हल्दी।
पत्नी सेवानिवृत अध्यापिका उर्मिला कपिला भी प्राकृतिक खेती उत्पादन में बढ़ा रही है खेतों में हाथ।
प्रदेश सरकार का प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की मुहिम का ग्रामीण स्तर पर दिखने लगा असर।
Him View - Hamirpur Himachal Pradesh
प्रदेश सरकार के प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की मुहिम का असर अब ग्रामीण क्षेत्र में बड़े स्तर दिखने लगा है। उप मंडल भोरंज की भुक्कड़ पंचायत के बैरी ब्राहमणा गांव के 76 वर्षीय सेवानिवृत प्रधानाचार्य एव शिक्षाविद् सुभाष कपिला व उनकी 74 वर्षीय धर्मपत्नी सेवानिवृत टीजीटी आर्टस अध्यापिका उर्मिला कपिला ने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देकर बेरोजगार युवाओं व अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्त्रोत बनने की मिसाल कायम की है।
भोरंज क्षेत्र में बढते लावारिस पशुओं की समस्या के कारण काफी लोगों ने खेतों की बिजाई को छोड़ कर उपजाऊ भूमि को बंजर बना दिया, लेकिन खेतीबाड़ी के महत्व को समझते हुए सेवानिवृत प्रधानाचार्य सुभाष कपिला ने अपनी तीन कनाल भूमि में करीब अढ़ाई क्विंटल से अधिक प्राकृतिक हल्दी पैदा करने का रिकॉड़ कायम किया है। क्षेत्र में पहली बार इतनी अधिक मात्र में हल्दी की पैदावार होने से लोगों में चर्चा का विषय बना हुआ है। मेहनती और विन्रम स्वभाव से भरे सुभाष कपिला ने बताया कि पहले कृषि विभाग से बीज के रूप में पांच किलोग्राम हल्दी खरीदी थी, उससे आज अढ़ाई क्विंटल हो गई है। उन्होंने कहा कि जब खेत रासायनिक खादों से मुक्त होंगे व गोबर की खाद का अधिक प्रयोग होगा तो आवश्य ही खेती की पैदावार में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि अब हल्दी की बिजाई और क्षेत्र में की जाएगी ताकि उत्पादकता में और अधिक वृद्धि हो। घर में आंगन में रखे हल्दी के ढ़ेर हर किसी को अपनी ओर मेहनत के लिए खींच रहे हैं।
......भुक्कड़ स्कूल को भी लिया है गोद
सेवानिवतृ प्रधानाचार्य सुभाष कपिला शिक्षाविद् होने के नाते राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भुक्कड़ से जुड़े हुए हैं और स्कूली बच्चों तथा अध्यापकों का समय-समय पर मार्गदरर्शन करते हैं। यहां तक उन्होंने भुक्कड़ स्कूल को गोद भी लिया है। उनका कहना है कि स्कूल के प्रधानाचार्य देशराज कमल एक अच्छे प्रशासनिक प्रधानाचार्य है। यही बजह हैं कि वह इस स्कूल में पहुंचकर सेवानिवृत होने पर भी अध्यापक की अनुभूति महसूस करते हैं।
.... क्या कहते हैं कृषि विभाग खंड एसएमएस
भोरंज खंड कृषि विभाग एसएमएस मोनिका शर्मा का कहना है कि प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से उगाई कच्ची हल्दी को 90 रूपए प्रति किलोग्राम के न्यूनतम समर्थन मूल्य से खरीद रही है ताकि किसानों को उनकी मेहनत का सही दाम मिल सकें। सुभाष कपिला ने कच्ची हल्दी की खेती करके मिसाल कायम की है।

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