लदरौर में मानवता का महापर्व: मणिमहेश लंगर कमेटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में 101 यूनिट रक्त संग्रह
लदरौर में मानवता का महापर्व: मणिमहेश लंगर कमेटी द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में 101 यूनिट रक्त संग्रह
Him View - Hamirpur Himachal Pradesh
सेवा, समर्पण और मानवता की सनातन भारतीय परंपरा को साकार करते हुए मणिमहेश लंगर कमेटी द्वारा लदरौर में एक विशाल एवं अनुकरणीय रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में क्षेत्र के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और कुल 101 यूनिट रक्तदान कर यह सिद्ध कर दिया कि आज भी समाज में संवेदना और कर्तव्यबोध जीवित है।
इस पुनीत अवसर पर समाजसेवी एवं होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. ऋतिक शर्मा ने अपना 53वां रक्तदान कर एक बार फिर सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाया। शिविर का सबसे भावुक और प्रेरणादायक क्षण वह रहा, जब डॉ. ऋतिक शर्मा ने अपनी माता के साथ एक साथ रक्तदान किया। यह दृश्य केवल रक्तदान नहीं, बल्कि संस्कारों की वह तस्वीर था, जो यह संदेश देता है कि सेवा की भावना परिवार से ही जन्म लेती है।
रक्तदान शिविर में महिलाओं और पुरुषों दोनों ने बड़ी संख्या में सहभागिता की। युवाओं के उत्साह के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों की भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया कि रक्तदान किसी आयु या वर्ग की सीमा में बंधा नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज का सामूहिक उत्तरदायित्व है।
चिकित्सकीय दृष्टि से शिविर की व्यवस्था अत्यंत सुदृढ़ एवं सुरक्षित रही। वरिष्ठ रक्त संक्रमण विशेषज्ञ डॉ. वनीता अवस्थी (एसआर ब्लड ट्रांसफ्यूजन) की देखरेख में संपूर्ण रक्तदान प्रक्रिया संपन्न हुई। उनके साथ डॉ. साविक तथा रक्त बैंक के समर्पित स्टाफ ने पूरी निष्ठा और संवेदनशीलता के साथ सेवाएं प्रदान कीं, जिससे सभी रक्तदाताओं को पूर्ण संतोष और सुरक्षा का अनुभव हुआ।
इस शिविर को सफल बनाने में देशराज, गुरविंदर, अर्पित पाटिल, पंकज, बेबी, पलक अवनीश एवं अख्तर का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने निस्वार्थ भाव से सेवा करते हुए आयोजन को सफल बनाया।
मणिमहेश लंगर कमेटी के प्रधान सुरजीत सिंह (सिट्टू), सचिव संजय ठाकुर (संजू), कैशियर विपिन नंबरदार सहित संतोष कुमार, पृथ्वी सिंह, पुनीत शुक्ला एवं कमेटी के सभी सदस्यों ने आयोजन की हर व्यवस्था को अनुशासन, श्रद्धा और सेवा-भाव के साथ निभाया।
कमेटी की ओर से रक्तदाताओं एवं स्वयंसेवकों के लिए खाने-पीने और रिफ्रेशमेंट की उत्तम व्यवस्था की गई थी, जिससे पूरे शिविर में अपनत्व और आत्मीयता का वातावरण बना रहा।
लदरौर में आयोजित यह रक्तदान शिविर इस सत्य का सशक्त प्रमाण है कि जब समाज एकजुट होकर सेवा के मार्ग पर चलता है, तो मानवता स्वयं आगे बढ़कर आशीर्वाद देती है।
रक्तदान वास्तव में महादान है—एक ऐसा दान, जो जीवन बचाता है, संस्कार जगाता है और समाज को जोड़ता है।

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