चंबा में ग्रामीण युवतियां ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेकर बन रहीं आत्मनिर्भर: निशा ठाकुर

 चंबा में ग्रामीण युवतियां ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण लेकर बन रहीं आत्मनिर्भर: निशा ठाकुर 


कौशल भारत , कुशल भारत, योजना के अंतर्गत सिलाई कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर विषयों में युवतियां ले रही प्रशिक्षण :- प्रवीण कुमारी 


Him View - Himachal Pradesh 

 हिमाचल ह्यूमन प्राइड फाउंडेशन के तत्वाधान में सावित्री बाई फुले ग्रामीण महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत उपमंडल भटियात के कस्बे समोट जिला चंबा में ग्रामीण युवतियां फाउंडेशन द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न प्रशिक्षण केंद्रों में ब्यूटी पार्लर और शिलाई कढ़ाई का प्रशिक्षण लेकर जहां अपने आप को कौशल विकसित कर रही हैं वहीं इन विषयो में कार्य निपुण होकर



आत्मनिर्भर भी बन रहीं हैं इस केंद्र का संचालन इंस्ट्रक्टर सीमा ठाकुर द्वारा किया जा रहा है जिनका समोट कस्बे में ब्यूटी पार्लर भी है पार्लर चलाने के साथ सीमा ठाकुर युवतियों को भी प्रशिक्षण दे रही हैं इसी कस्बे में सिलाई कढ़ाई केंद्र भी है जिसका संचालन इंस्ट्रक्टर बबली शर्मा कर रही हैं 

कबीलेगोर है कि जिला चंबा के विभिन्न ब्लॉकों में फाउंडेशन द्वारा आत्मनिर्भर भारत, ब कौशल भारत कुशल भारत योजना के अंतर्गत 15, कौशल विकास केंद्र चला रही है जिसमें जिला की सैकड़ों युवतियां अपना कौशल विकसित कर आत्म निर्भर बनने की ओर अग्रसर हैं ! 

 स्वरोजगार पर आधारित इस कार्यक्रम में ग्रामीण युवतियों का कौशल विकसित करने के साथ इन केंद्रों का संचालन करने वाली इंस्ट्रक्टर महिलाएं योजना के अंतर्गत अपनी आर्थिकी भी सुदृढ़ कर रही हैं जिन्हें प्रतिमाह मानदेय भी उपलब्ध करवाया जाता है 

जिला चंबा में इन केंद्रों का संचालन हिमाचल ह्यूमन प्राइड फाउंडेशन की जिला समन्वयक निदेशक प्रवीण कुमारी ब निशा ठाकुर की देख रेख में किया जा रहा है जोकि बेहतरीन कार्य करतीं हुईं ग्रामीण युवतियों को स्वरोजगार पर आधारित इस कार्यक्रम में जोडकर ग्रामीण युवतियों को कौशल विकास हेतु प्रेरित कर रही हैं 

जानकारी देते हुए फाउंडेशन के राष्ट्रिय अध्यक्ष अनिल कुमार ने बताया कि सी.एस.आर. (c.s.r.) प्रोजेक्ट के तहत सावित्री बाई फुले ग्रामीण महिला स्वरोजगार योजना के अंतर्गत प्रदेश के जिला मंडी, कुल्लू, चंबा, कांगड़ा, हमीरपुर, शिमला में ग्रामीण स्तर पर फाउंडेशन द्वारा कौशल विकास केंद चलाए जा रहे हैं

 अत: इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर गरीब युवतियों का कौशल विकसित करना है जो गरीबी की वजह या अन्य कारणों से अपने कस्बे से दूर प्रशिक्षण लेने या अन्य कोई ट्रेनिंग करने में असमर्थ हैं या ट्रेनिंग लेने दूर दराज क्षेत्रों में नहीं जा सकती ऐसी युवतियों को उनके घर द्वार ग्रामीण क्षेत्र में कौशल विकसित कर इन्हें एक वर्ष का प्रशिक्षण देकर एक वर्ष के बाद 

प्रधानमंत्री कौशल भारत कुशल भारत योजना के अंतर्गत एक वर्षीय डिप्लोमा या प्रमाण पत्र भी मुहैया करवाया जाता है अत : योजना के तहत यह भी प्रावधान रखा गया है कि सिलाई कढ़ाई का एक वर्षीय प्रशिक्षण पूरा होने के उपरांत जो युवती एस.सी., एस टी, विधवा, अति निर्धन परिवार या जिन के माता पिता नहीं हैं मृत्यु हो चुकी है ऐसे परिवारों से संबंध रखती है उन्हें एक सिलाई मशीन निःशुल्क भी उपलब्ध करवाई जाती है

Comments

Popular posts from this blog

भोरंज के भ्याड़ गांव में उत्सव का माहौल: राहुल रावल बने भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट

भोरंज के सौरभ सौरभ ठाकुर ने HAS परीक्षा में चौथा रैंक हासिल कर क्षेत्र का नाम किया रोशन

भोरंज भाजपा में उभर रहा नया युवा चेहरा, पुराने दावेदारों की बढ़ सकती है चिंता