युवा बेरोजगारों सहित, संस्थान संचालकों के केंद्र बंद होने की कगार पर :- एडवोकेट प्रद्युम्न सिंह

 कौशल विकास भत्ता और बेरोज़गारी भत्ता एक साल से बंद, युवाओं में बढ़ा रोष


युवा बेरोजगारों सहित, संस्थान संचालकों के केंद्र बंद होने की कगार पर :- एडवोकेट प्रद्युम्न सिंह 


Him View - Hamirpur Himachal Pradesh 

पूर्व मुख्यमंत्री राजा वीरभद्र सिंह के कार्यकाल में वर्ष 2013 में प्रदेश के गरीब अति निर्धन परिवार के युवाओं के लिए एक स्वर्णिम योजना जरूर शुरू की गई जिस योजना का लाभ प्रदेश के लाखों यूबा कौशल विकास भत्ता योजना का लाभ भी लेते रहे लेकिन अब पिछले करीब एक वर्ष से इस योजना का लाभ पात्र युवाओं को नहीं मिल पा रहा है ना ही प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण ले रहे युवाओं को उनके खाता में यह भत्ता मिल पा रहा है गरीब युवा रोजगार कार्यालयों के चक्कर काटने को मजबूर हैं  


जिस कारण प्रदेश के लाखों युवाओं में सरकार के प्रति गहरा रोष व्याप्त भी है यह जानकारी देते हुए हिमाचल ह्यूमन प्राइड फाउंडेशन के लीगल एडवाइजर एवं पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के एडवोकेट प्रद्युम्न सिंह ने प्रैस वार्ता के दौरान कहा कि 

प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को दिया जाने वाला कौशल विकास भत्ता और बेरोज़गारी भत्ता पिछले एक साल से जारी नहीं हुआ है। इस कारण हज़ारों प्रशिक्षु और


 बेरोज़गार युवा आर्थिक तंगी से जूझ रहे है इन प्रशिक्षुओं को पिछले वर्ष नवंबर 2024 में यह किस्त जारी हुई थी उसके बाद किसी को भत्ता नहीं मिला है इतना ही नहीं प्रदेश के अधिकतर प्रशिक्षण केंद्र कंप्यूटर सैंटर बंद होने के कगार पर हैं जबकि इन प्रशिक्षण संचालकों ने लाखों रुपए खर्च कर केंद्र खोले हैं उन पर भी ग्रहण लग गया है 


उधर युवाओं का कहना है कि भत्ता बंद होने से उनकी पढ़ाई और प्रशिक्षण पर असर पड़ रहा है। कई छात्र-छात्राएँ निजी संस्थानों में प्रशिक्षण ले रहे हैं, लेकिन भत्ता न मिलने के कारण उनकी फीस और अन्य खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है।


एडवोकेट प्रद्युम्न सिंह ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने चुनाव से पहले बेरोज़गारी भत्ता और कौशल विकास भत्ता को युवाओं के लिए “सुरक्षा कवच” बताया था, लेकिन अब एक साल से भुगतान न होने पर वादाख़िलाफी की भावना पैदा हो गई है। 


एडवोकेट प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि अगर सरकार ने जल्द इस ओर ध्यान नहीं दिया तो युवाओं में आक्रोश और बढ़ सकता है। उनका कहना है कि समय पर भत्ता न मिलने से बेरोज़गारी समस्या और गहराती जाएगी।


अत: प्रद्युम्न सिंह ने सरकार से माँग की है कि जल्द से जल्द लंबित भत्ते जारी किए जाएँ और इस योजना को नियमित रूप से लागू किया जाए, ताकि बेरोज़गार युवाओं को राहत मिल सके। साथ ही कंप्यूटर संचालकों की रोजी रोटी भी ना छिन पाए

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