डाक्टर जयदेव डलहौज़ी रतन अवार्ड 2025 से सम्मानित

 डाक्टर जयदेव डलहौज़ी रतन अवार्ड 2025 से सम्मानित


रमणीय डलहौजी ने बार्षिक समारोह 2025 के समापन पर डलहौज़ी में चिकित्सा क्षेत्र में अपनी सेवाएं देने के लिए डॉक्टर जयदेव कों डलहौजी र त्न अवार्ड देखकर सम्मानित किया !


Him View - Himachal Pradesh 

जिला चंबा के डलहौजी में रमणीय डलहौजी के आठबें वार्षिक पौधा रोपण समारोह के समापन पर डलहौज़ी हिल टॉप स्कूल डलहौज़ी में रमणीय डलहौज़ी की मुख्य संरक्षक पूनम धवन की अध्य्क्षता में किया गया. इस कारर्यक्रम में डॉ विपिन ठाकुर, (सी. एम. ओ.)चंबा ने बतौर मुख्यअतिथि शिरकत की. इस दौरान स्कूल परिसर में पौधे रोपे गए. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यअतिथि द्वारा दीप प्रचलित कर किया गया ! कार्यक्रम के दौरान हिल टॉप स्कूल की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना नृत्य पेश कर किया गया ! रमणीय डलहौजी के महा सचिव ऋषव घई ने बताया है कि हर वर्ष की भांति इस साल भी डलहौजी रतन का अवार्ड दिया जा रहा है जिसके लिए इस बार उन्होंने डॉ जयदेव का चयन किया है! जो कि डलहौजी ही नहीं बल्कि प्रदेश के लिए भी गर्ब की बात है कि,जिन का चयन डलहौजी रत्न अवार्ड के लिए किया गया है वह आई.जी.एम.सी. शिमला के पहले (एम बी बी एस) बैच के पहले विद्यार्थी थे ! जो की प्रदेश के लिए गर्व की बात है! डॉ जय देव समाज सेवी,और हिमाचल प्रदेश की शान है।

 रमणीय डलहौजी के महासचिव ऋषभ घई ने डॉ जय देव का जीवन परिचय देते हुए उनके बारे में बताया 

 की जिन्होंने अपना सारा जीवन गरीब और अति पिछड़ों के लिए समर्पण किया है! जयदेव जिनका जन्म 31 जुलाई 1947 में चंबा शहर में हुआ वह एक मध्यवर्गीय परिवार से संबंध रखते हैं. जिनकी प्राभिक शिक्षा सरकारी सेकेंडरी हाई स्कूल चंबा से हुई उनके पिताजी का नाम ध्यानचंद और माता जी का नाम रेशमा है! सरकारी सेकेंडरी स्कूल चंबा से (एफ ऐस ई ) में मेरिट के आधार पर उनका चयन एम.बी.बी.एस.के लिए आई.जी. एम. सी. शिमला में हुआ. 1965 से लेकर 1970 तक उन्होंने अपनी एम बी.बी.एस. की परीक्षा सफल की उसके बाद 1971 में उनका एम बी बी एस चिकित्सक के रूप में सरकारी चयन हुआ! जिसमें उन्होंने पहले चंबा उसके बाद किहार, पुखरी और डलहौज़ी में अपनी सेवाएं दी. जब 1978 में पांगी में हुई खसरा महामारी के कारण पांगी के हालात बद से बदतर हो गए तब लगातार 3 महीने लगभग 18 फुट बर्फ में लोगों की सेवा की और भयंकर महामारी को दूर करने के लिए अपनी टीम के साथ डटे रहे, जिसके लिए उनको सरकार की तरफ से सम्मानित किया गया था.सरकार द्वारा परिवार नियोजन स्त्री और पुरुषों के नसबंदी और नलबंदी के लिए ऑपरेशन के लिए भी सरकार की तरफ से बेहतर काम के लिए सम्मानित किया गया था.इन्होंने अपना पूरा जीवन गरीब और लाचार लोगों के स्वास्थ्य के लिए अर्पण किया उनके परिवार में उनकी पत्नी श्रीमती उषा है जो के पूर्व स्वास्थ्य एवं वेलफेयर मंत्री स्वर्गीय श्री विद्याधर की बेटी है जो के संपूर्ण ग्रहणी है और उनके भाई भी सरकार में मंत्री रहे चुके हैं! जैसे इन्होंने अपने जीवन में संघर्ष किया अपने बल पर मुकाम हासिल किया और उनके परिवार में भी उनकी बड़ी बेटी स्कन्द जो कि दंत चिकित्सक है छोटी बेटी पूजा ने एल एल एम इंटरनेशनल हुमेन राइट्स लंदन से डिग्री लिया है और बेटा जिसका नाम गौरव है वह भी एम सी एच यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन है और वह भी जयपुर में देश और लोगों लोगों की सेवा कर रहे है और देश और विदेश में डलहौज़ी एवं हिमाचल प्रदेश का नाम चमका रहे हैं. डॉ जयदेव ने 1983 तक सरकारी सवाये देने के बाद 1984 में अपना निजी क्लिनिक खोल कर लोगों की सेवा करनी शुरू कर दी और दूर दिराज से आए हुए हजारों लोगों की सेवा और इलाज किया यह अपनी सेवा में इतने मगन रहे कि इन्होंने कभी भी जिंदगी में ब्रेक नहीं लिया और दिनों रात दुखी गरीबो की सेवा कर रहे है इनकी इसी सेवा भावना को लाखो लोग इनकी लम्बी उम्र की कामना करते है कियोकि आज के समय में लोग मेडिकल को एक व्यापार समझते है लेकिन आज भी डॉ जय देव जैसे भी लोग है जो कि दुःखी गरीबो की सेवा करना अपना फर्ज़ समझते है डॉक्टर जयदेव डलहौजी लायंस क्लब के अध्यक्ष और महासचिव भी रह चुके हैं. डॉ जय देव द्वारा समाज में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान के रमणीय डलहौज़ी ने डलहौज़ी रतन आवर्ड से सम्मानित किया है जिस को लेकर जिला चंबा के लोगो ने रमणीय डलहौज़ी का धन्यवाद किया है

 इस अवार्ड के लिए डॉक्टर जयदेव ने रमणीय डलहौजी की मुख्य संरक्षक पूनम धवन, अध्यक्ष रेणुका चौधरी, महासचिब ऋषभ घई, उपाध्यक्ष राजेश्वर बहल व रमणीय डलहौज़ी के सभी सदस्यों का आभार बक्त किया.

कार्यक्रम समापन से पूर्ब रमणीय डलहौज़ी द्वारा बरसात के मुश्किल दौर मे विद्युत सेवा बहाल करने के लिए विद्युत कर्मचारियों को भी सम्मानित किया, इस के अतिरिक्त डलहौज़ी की सफाई व्यवस्था को ठीक रखने के लिए सफाई कर्मचारियों को भी सम्मानित किया.

इस अबसर पर डॉ ढिल्लों निदेशक डलहौज़ी पब्लिक स्कूल डलहौज़ी, किरण चढ़ा, तहसीलदार डलहौज़ी रमेश चौहान डी. एस.पी.डलहौज़ी मयंक शर्मा,प्रिया गंडोतरा, श्वेता सिंह, आशीष चड्ढा, पार्षद रीना जर्याल, विद्युत विद्युत विभाग के कार्यकारी अभियंता पंकज राठौर व अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।

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