कांग्रेस पर हुआ प्रतिपक्ष के विरोध का असर, बीपीएल के मुद्दे पर बैक फुट पर आया प्रदेश नेतृत्व : कमलेश कुमारी

 कांग्रेस पर हुआ प्रतिपक्ष के विरोध का असर, बीपीएल के मुद्दे पर बैक फुट पर आया प्रदेश नेतृत्व : कमलेश कुमारी


Him View - Hamirpur Himachal Pradesh 

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने बीपीएल में चयन प्रकिया में जो व्यवस्था परिबर्तन के अंतर्गत नियमावली बनाई थी उसे प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व ने बिपक्ष के बिरोध करने पर स्वयं माना कि उनकी पार्टी ने गल्त निर्णय लिया था।भोरंज से पूर्व विधायक कमलेश कुमारी ने कांग्रेस सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर बनी बनाई व्यवस्था को बिगाड़ने का ही काम कर रही है। कांग्रेस का नेतृत्व बताए कि जिन मजदूरों को 3 वर्ष से कामगार कल्याण बोर्ड उनके हितों को रोक कर बैठा है उन मजदूरों का क्या कसूर है। सरकार को बीपीएल के लिए शर्तें बनाते समय यह वात समझ क्यों नहीं कि 40 प्रतिशत अपंग व्यक्ति भी बीपीएल सूची में रहने चाहिए और 25 वर्ष तक के अध्ययन शील युवकों के परिवार भी बीपीएल सूची से बाहर नहीं होने चाहिए। क्या सरकार और विभाग को पहले इतनी भी बात समझ नहीं आई कि 18 वर्ष से ऊपर लगभग 25 वर्ष की आयु तक युवा का पढ़ने लिखने या कोई प्रशिक्षण लेने का समय होता है। बीपीएल चयन प्रक्रिया के बिरुद्ध हिमाचल प्रदेश की अनेक ग्राम पंचायतों, जनता और भारतीय जनता पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस सरकार की चयन शर्तों के खिलाफ मिडिया और सोशल मिडिया के माध्यम से बिरोध प्रकट किया, जनता की आवाज को खुफ़िया ऐजैँसियों ने भी सरकार को जगाया तब जाकर सरकार की नींद खुली।कांग्रेस ने सत्ता सँभालते ही सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी की पूर्व सरकार के फैसलों को बदला, फिर अपने वायदों से मुकर गए और अब अपने किए हुए फैसलों को भी बदलना शुरू कर दिया।इस बात से यह साबित होता है कि वर्तमान सुखू सरकार की कमजोरियों के कारण प्रदेश की आर्थिक दशा बिगड़ गई और प्रदेश में नशा, अपराध और भ्रष्टाचार के मामले बढ़ गए।यही कारण है कि सरकार स्वयं प्रदेश के लिए आपदा बन गई। आपदा पीड़ितों की सहायता करने की जगह कांग्रेस अपनों को खुश करने में लगी है।

कांग्रेस सरकार बताये कि बीपीएल सर्वें की योजना बनाने और सर्वें करने में कितना समय और धन बर्बाद हुआ? प्रदेश में नये नये प्रयोग कर सरकार लोगों का ध्यान भटकाने का ही काम कर रही है। प्रदेश के लोगों की भलाई और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए कोई काम नहीं हो रहा है।

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