करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय में यशपाल जयन्ती समारोह का आयोजन - Him View
करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय में यशपाल जयन्ती समारोह का आयोजन
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करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय के बुकस एंड लिटरेरी क्लब एवं ड्रामाटिक क्लब ने मिलकर यशपाल जयन्ती समारोह का आयोजन उनके पैतृक स्थान करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय टिक्कर भराईयां में किया गया। कार्यक्रम की समन्वयक डा. प्रियंका कौशल ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर डीन इजींनियरिंग प्रो. (डा.) एम.आर.शर्मा उपस्थित हुए।कार्यक्रम में डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. नवीन ठाकुर व डीन फार्मेसी डा. अरविन्द शर्मा भी उपस्थित रहे।
सर्वप्रथम मुख्य अतिथि प्रो. (डा.) एम.आर.शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर तथा विश्वविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रो. (डा.) एम.आर.शर्मा ने इस अवसर पर यशपाल के व्यक्तितव पर प्रकाश डाला। देश के स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले क्रांतिकारी, साहित्यकार एवं लेखक यशपाल का जन्म 3 दिसम्बर 1903 को फिरोजपुर छावनी में हुआ था। उन्होंने कहा कि यशपाल जी बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने लाहौर नेशनल कालेज से बी.ए. किया।यशपाल जी ने अपने उपन्यास, कहानियां निबन्ध, यात्रा विवरण, नाटक, आत्मकथा अनुवाद जैसे अनेक क्षेत्रों में लेखन कर अपनी वहुमुखी प्रतिभा का परिचय दिया है।
यशपाल के उपन्यास मनुष्य के रूप, तेरी मेरी उसकी बा, झूठा सच तथा पहाड़ की स्मृति, पहाड़ की छत, फूलों का कुर्ता आदि कहानियों। इनकी कहानियां और उपन्य कालेज के दिनों में ही इनका परिचय भगत सिंह व सुखदेव से हुआ व क्रातिंकारी गातिविधियों में भाग लेना प्रारम्भ कर दिया था। उसके बाद उन्होंने हिंसा का मार्ग छोड़ कर कलम के द्वारा अपने देश की सेवा करने का प्रण लिया। उन्होंने महान स्वतन्त्रता सेनानी यशपाल के उपन्यासों में समाजिकता एवं देश भक्ति पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहा कि उनके अनुवाद मराठी, गुजराती, तमिल, तेलगु, मलयालम, अंग्रेजी, रूसी तथा फ्रेंच भाषाओं में प्रकाशित हुए। उन्होंने कहा कि साहित्य में मुंशी प्रेम चंद के बाद यशपाल का नाम आता है यशपाल ने भारतीय स्वाधीनता आंदोलन एवं समकालीन सामाजिक, पारिवारिक समस्याओं पर बडा शालीनता से प्रकाश डाला है।
इस कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित करवाई गई जैसे कविता पाठ, भाषण प्रतियोगिता व नाटक प्रतियोगिता करवाई गई। जिसमें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों से लगभग 30 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अंजलि शर्मा, असिस्टेंट प्रोफेसर रजत शर्मा, असिस्टेंट लाइबरेरियन सुरेश गुलेरिया, असिस्टेंट प्रोफेसर पूनम देवी, विद्यार्थियों में काजल, शगुन, कार्तिके, शिल्पा ठाकुर, आरिन भारद्वाज, श्वेता ठाकुर व सौरभ ने मुख्य भूमिका निभाई।




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