करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय में 2 अगस्त को उपस्थित होंगे उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान - Him View
करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय में 2 अगस्त को उपस्थित होंगे उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान
Him View 26 July 2023
करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय में 2 व 3 अगस्त 2023 को दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें मुख्य अतिथि के तौर पर हिमाचल प्रदेश के उद्योगमंत्री हर्षवर्धन चौहान उपस्थित होंगे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर भोरंज क्षेत्र के विधायक सुरेश कुमार व अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित होंगे। मुख्य अतिथि द्वारा सबसे पहले राष्ट्रीय सम्मेलन और स्टार्टअप प्रदर्शनी का उद्घाटन किया जाएगा। उसके बाद विश्वविद्यालय द्वारा चलाई जाने वाली विभिन्न योजनाओं का जिसमें परंपरागत विज्ञान को बढ़ावा देने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं के उत्थान के लिए विश्वविद्यालय की पहलों का शुभांरभ, मुख्यमंत्री स्टार्टअप योजना के तहत इनक्यूबेटर में विकसित उत्पादों जैसे आरगेनिक खाद, पारम्परिक दवाओं आदि और ‘‘भारतीय संस्कार विज्ञान-संस्कारी संतान श्रेष्ठ इंसान‘‘ नामक पुस्तक व यहां पर पड़ने वाले विद्यर्थियों के लिए विषयका विमोचन किया जाएगा। कृषि में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए यह सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में वैज्ञानिक, शिक्षाविद किसान, विद्यार्थियों और हिमालयन एवं जन कल्याण संस्था (एनजीओ), सभी जिलों से 5 से 15 महिलाएं, ब्लॉक अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष व छात्र भाग ले रहे हैं।
हमारा देश सपनों के अनुरूप सभी क्षेत्रों में उभरते हुए ‘नया भारत और युवा भारत’ देश-दुनिया में अपनी नई पहचान पेश कर रहा है। हमारे देश में कई समस्याओं के साथ-साथ बेरोजगारी भी एक प्रमुख समस्या है। सरकारी या प्राईवेट नौकरी के साथ दूसरा विकल्प इंटरप्नयोरशि को मजबूत करना है। अब युवा नौकरी मांगने की जगह नौकरी मुहैया कराने की राह पर हैं। देश आर्थिक, शिक्षा, चिकित्सा क्षेत्र में युवा शक्ति की बदौलत नए प्रतिमान गढ़ रहा है। तकनीकी शिक्षा और स्टार्टअप से युवाओं की तकदीर बदल रही है। इसी दिशा में करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय में हिमाचल प्रदेश सरकार के उद्योग विभाग ने मुख्यमंत्री स्टार्टअप हिमाचल स्कीम के तहत पायोनियर इन्कयूबेटर सेंटर स्थापित किया है। विज्ञान एंव प्रौद्योगिकी विभाग, भारत सरकार द्वारा टेक्नोलॉजी इनेबलिंग सेंटर स्थापित किया गया है। पूरे हिमाचल प्रदेश में करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय पहला ऐसा विश्वविद्यालय है जिसमें यह सेंटर स्थापित किया गया है। करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय को हिमाचल प्रदेश सरकार से एक व भारत सरकार द्वारा दो सेंटर मिले हैं। करियर प्वाइंट विश्वविद्यालय हमीरपुर, इनोवेशन के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ रहा है। इसमें एक इनोवेटिव आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए और एक बिजनेस के रूप में तैयार करने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाएगी। इन संेटरों का उदेश्य स्वरोजगार उत्पन करना तथा नए उद्योगों की स्थापन में आर्थिक मदद उपलब्ध करवाना है। इसका एक उदेश्य यह है ताकि लोग नौकरी करने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाला भी बनना है।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन में बदलते मौसम व जलवायु परिवर्तन के अनुसार कृषि के विकास, उत्पादन एवं किसानों की आर्थिक स्थिति में बदलाव से संबंधित योजनाओं, जलवायु परिवर्तन से प्रभावित हो रहे फसलों को बचाने एवं स्मार्ट एग्रीकल्चर तकनीक अपनाने, सरकारी और अर्ध-सरकारी क्षेत्रों की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं के बारे में प्रतिभागियों को जागरूक भी किया जाएगा। भारतीय कृषि बढ़ती लागत और गिरती कृषि के कारण समस्याओं का सामना कर रही है। युवाओं को डेयरी फार्मिंग जैसे कृषि संबंधी उद्यमों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना, मशरूम, सेरीकल्चर, पोल्ट्री, मधुमक्खी पालन, प्राकृतिक रंग और फाइबर, मत्स्य पालन आदि ऐसे उत्पादों की मांग बढ़ने की उम्मीद है। दरअसल, देश जलवायु स्मार्ट में तेजी लाने और स्विच करने के लिए सभी संभावित विकल्पों का पता लगाने की जरूरत है। कृषि पद्धतियों को पर्यावरण की दृष्टि से टिकाऊ, पारिस्थितिक रूप से संगत बनाने के लिए और इस क्षेत्र में युवाओं को आकर्षित करने और बनाए रखने के लिए व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य है। जैविक खेती, फल और सब्जी में लगे उद्यमी और स्टार्टअप खेती और बाजरा और बाजरा उत्पादों की खेती तकनीकी सत्र जैविक और प्राकृतिक खेती, बाजरा और बाजरा में कृषि उद्यमियों को बढ़ावा देना, उत्पादों समवर्ती हार्वेस्ट प्रौद्योगिकी और गुणवत्ता, तकनीकी सत्र उच्च मूल्य मूल्य की नकदी फसलें फल और सब्जियां, एग्रीप्रेन्योरशिप और स्टार्टअप्स तकनीकी, अनुभव साझा करना कृषि में युवाओं को प्रेरित करना, विश्वास दिलाना और बनाए रखना। इसके बारे में युवाओं को शिक्षित करके किया जा सकता है फलों और सब्जियों की फसलों सहित उच्च मूल्य वाली नकदी फसल कृषि को अपनाना। ऐसे उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए जैविक और प्राकृतिक खेती दोनों को बढ़ावा देना। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नवीनतम में कौशल विकास के माध्यम से युवाओं, किसानों और कृषि उद्यमियों और स्टार्टअप को सशक्त बनाना किसानों, उद्यमियों, कृषि-उद्यमियों की सफलता की कहानियों को साझा करने के लिए मंच प्रदान करें। और जैविक खेती, फलों और सब्जियों की खेती और संस्कृति में लगे स्टार्टअप और स्टार्टअप में सफलता की कहानियों और स्टार्टअप्स से सीखे गए पाठों को दस्तावेज और साझा करें। कृषि-व्यवसाय स्टार्ट-अप शुरू करने और इनक्यूबेटन केंद्रों की स्थापना के लिए संभावनाओं का अन्वेषण करें। स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने और लोकप्रिय बनाने के लिए विभिन्न गतिविधियों के लिए एक रोड मैप तैयार करें और एक योजना बनाएं।इस सम्मेनल का उद्देश्य है बुनियादी और अनुप्रयुक्त विज्ञान में चुनौतियों और अवसरों के बारे में जागरूकता पैदा करना, संगठनों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों के बीच बातचीत और वैश्विक स्तर पर ज्ञान और सहयोग का आदान-प्रदान करना। शोधकर्ताओं को ओरल पेपर पोस्टर के माध्यम से अपने शोधपत्र प्रस्तुत करने होंगे।
कार्यक्रम के वैलिडिक्टरी सम्मेलन में मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार सुनील कुमार मुख्य अतिथि के तौर पर उपस्थित होंगे। इस सम्मेलन में एम एस स्वामीनाथन रिसर्च फाउंडेशन, चेन्नई, एसजेवीएन, शिमला, उद्योग विभाग, हिमाचल प्रदेश सरकार, इंडिया मिलेट इनिशिएटिव्स, नोएडा, उ.प्र, आईसीएआर-इंडियन ग्रासलैंड एंड फोडर रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईजीएफआरआई), झांसी, इंडिया मिलेट इनिशिएटिव्स, नोएडा, उ.प्र., इंडकेयर ट्रस्ट, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश, लक्ष्मी जन कल्याण सेवा संस्थान, मुरादनगर, गाजियाबाद, उ.प्र सहयोगी रहेंगे।
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